ऐतिहासिक मन्दिरहरू
ऐतिहासिक मन्दिरहरू
प्रतिवेदनमा उल्लेखित स्थापनाकालसहितका केही प्रमुख श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर तथा आश्रमहरू:
| मन्दिर | स्थान | स्थापना (वि.सं.) |
|---|---|---|
| श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर, फुगुवा | आठराई गाउँपालिका–४, तेह्रथुम | १८०० |
| तरही डाक्नेश्वरी मन्दिर | सप्तरी | १८०६ |
| गोविन्दपुर मन्दिर | लहान–२४, सिराहा | २०२५ |
| स्याल्पाखा वृद्ध तथा बाल आश्रम | पोखरा–२७, कास्की | २०३९ |
| मूल मन्दिर, भुरीगाउँ | बर्दिया | २०४८ |
| ठाकुरद्वारा मन्दिर | बर्दिया | २०४८ |
| बाइजुराज मन्दिर, टकिया | बर्दिया | २०४८ |
| कोठरपुर मन्दिर | मगरागढी, बर्दिया | २०५३ |
| घुर्कौली मन्दिर | हरिऔन–५, सर्लाही | २०५४ |
| राजघाट मन्दिर | बागमती नगरपालिका, सर्लाही | २०५६ |
| शंकरपुर मन्दिर | बागमती–१०, सर्लाही | २०६३ |
| छतौल मन्दिर | धनकौल–४, सर्लाही | २०७१ |
फुगुवा मन्दिर, तेह्रथुम
वि.सं. १८०० मा श्री लक्ष्मीबाई माताजीबाट स्थापित यो मन्दिर सम्भवतः मुलुककै सबैभन्दा पुरानो श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर हो। २८१ वर्ष पुरानो संरचना जीर्ण भएकाले केन्द्रीय उपाध्यक्ष श्री शारदाप्रसाद थपलियाको सक्रियतामा पुनर्निर्माण सम्पन्न भएको छ।
जितपुर मन्दिर, इलाम
जगद्गुरु आचार्यश्री कृष्णमणिजी महाराजको जन्मस्थान जितपुरस्थित यस मन्दिरको करिब तीन लाख बराबरको मर्मतसम्भार भइसकेको छ; बाँकी काम आगामी वर्ष गरिनेछ। जितपुरको जग्गा खरिदको सापटी तिर्न केन्द्रीय कोषबाट रु. १० लाख अनुदान दिइएको छ।
अन्य
- श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर डिल्लीबजार – संस्थाको प्रारम्भिक कार्यालय रहेको स्थल।
- सलकपुर, मोरङ – २०८३ मा स्वर्ण महोत्सव।
- चकडहा, सप्तरी – करिब २७७ वर्ष पुरानो भनिएको।
स्रोत: ५९ औँ केन्द्रीय साधारण सभा वार्षिक प्रतिवेदन २०८२/०८३
